राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। अपनाघर आश्रम रानी बाजार बीकानेर जो कि दीन-हीन, मंदबुद्धि, मनोरोगी, लावारिस, आश्रयहीन, परिवार एवं समाज द्वारा तिरस्कृत एवं पीडि़त मानव मात्र की सेवा में संचालित है। अपनाघर आश्रम के सचिव जुगल राठी ने बताया की अपना घर आश्रम का मुख्य कार्य बिछडे लोगों को अपनों से मिलाना है ऐसे आवासी जो अपनों से वर्षो तक नहीं मिल पाते और जीवन में किसी कारणवश बिछड जाते है। वर्ष 2025-26 में 98 प्रभुजी का रेस्क्यू कर आश्रम में सेवा उपचार हेतु भर्ती किया गया व 40 प्रभुजी को उनके परिजनों से मिलाया गया। अपनों से वापस मिलने की एक उम्मीद अपना घर आश्रम से ही मिलती है। एक ऐसे आवासी जिनका नाम संतोष है संतोष 3 माह पूर्व अपना घर आश्रम की रेस्क्यू टीम को लावारिस हालत में मिले थे।
संतोष को जब अपना घर आश्रम में लाया गया तब उनके पैर में फेक्चर था जिसका उपचार किया गया। संतोष ने स्वस्थ होने के बाद अपने घर का पता बताया तो बताए हुए पते पर जब आश्रम की टीम ने संपर्क किया तब पता चला की संतोष पिछले 6 माह से घर से लापता है जो 6 माह पूर्व घर वालो को बाजार का बोल कर घर से निकला था लेकिन वापस घर नहीं लौट पाया। संतोष बिहार के मुगेर जिले के रहने वाले है।
संतोष के घर में उनके बूढ़े माता पिता के अलावा एक बड़ा भाई भी है। जिनको यह जानकारी दी गई की संतोष बीकानेर के अपना घर आश्रम में है और सुरक्षित है तो उनके आंसू छलक पड़े और 6 अप्रैल 2026 को अपना घर आश्रम बीकानेर आकर अपने भाई संतोष को सकुशल वापस अपने साथ घर लेकर चले गये और ख़ुशी के आंसू लिए अपना घर आश्रम के संचालको का धन्यावाद किया। इस ख़ास मौके पर आश्रम के सचिव जुगल राठी, झंवर लाल सुथार,मेघराज भोजक, सोनू कुमार व सेवादार आदि उपस्थित रहें।



