


राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रताडऩा और अपहरण के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने पीडि़ता को सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि पीडि़ता को सुरक्षित रूप से बीकानेर के नारी निकेतन में पहुंचाया जावे और वहां पर पुलिस अधीक्षक को उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता एच.एस. श्रीमाली ने की। दरअसल इस पूरे प्रकरण में क्लिनिक की संचालिका डॉ. शाहिन्दा कादरी ने मिशाल पेश करते हुए अपने कार्मिक को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी।


मामला हरियाणा के पानीपत ही रहने वाली एक महिला कार्मिक से जुड़ा है। जहां पर पीडि़ता ने बताया था कि वह एक साल से बीकानेर में कार्यरत है ओर उसे लगातार ससुराल पक्ष द्वारा परेशान किया जा रहा है। 3 फरवरी 2026 को आरोपी पक्ष ने कथित रूप से शुभम गार्डन के पास से चाकू की नोक पर उसका अपहरण कर लिया और उसे हरियाणा ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर नशीले पदार्थ देकर गंभीर यातनाएं दीं।
बंधक अवस्था में पीडिता ने किसी तरह मैसेज और वीडियो के जरिए अपनी संचालिका डॉ. कादरी से मदद की गुहार लगाई। इस पर डॉ. कादरी ने तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए पहले एडीएम सिटी बीकानेर के समक्ष आवेदन किया, लेकिन इसे पारिवारिक मामला मानकर खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले में 1 अप्रैल को पीडि़ता स्वय बीकानेर पहुंची और फिर हाईकोर्ट में पेश हुई। पूरे मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि पीडिता को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए। उसे बीकानेर नारी निकेतन में सुरक्षित आश्रय दिया जाए। वह वहीं रह आगे की कानूनी कार्रवाई कर सके।