Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। सामान्य तौर पर व्यक्ति के निधन हो जाने पर बेटे अपने पिता की अंतिम यात्रा में जाते है ओर सभी क्रियाएं संपन्न करवाते है लेकिन नोखा की तीन बेटियों ने अपने पिता की अंतिम यात्रा में कंधा दिया साथ ही सभी क्रियाएं संपन्न करवाई। ये दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया। नोखा कस्बे में शनिवार को तीन बेटियों के पिता पाबूदान सिंह पुत्र पर्वत सिंह राजपूत का निधन होने के बाद उनके अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं उनकी तीन बेटियों ने पुत्र बनकर निभाई जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

सरकारी कर्मचारी पाबूदान सिंह का अचानक निधन होने के बाद परिवार और समाज और पड़ोस के लोगों ने उनके अंतिम कार्यक्रम के बारे में जब बातचीत की तो उनकी बेटी नीतू, कोमल और परी ने एक स्वर में अपने पिता को अंतिम विदाई देने का अपनी इच्छा जताई तो वहां मौजूद हर कोई व्यक्ति आवाक सा रह गया और कि उनकी हिम्मत की प्रशंसा किए बिना नहीं रह सका। जलदाय विभाग में तैनात पाबूदान सिंह की पार्थिव देव को रवाना करने से पूर्व एक पुत्र जो अंतिम क्रियाएं घर से शुरू करता है वह क्रियाएं इन तीनों बेटियों ने पंडित के साथ पूरी करते हुए अपने दिवंगत पिता की अर्थी को कंधा देते हुए राम नाम सत्य का उच्चारण करते हुए लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर पूरी की।

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