सड़क को बना दिया गढ्ढेनुमा तो अधिवक्ता जैन ने उठाई मांग, लापरवाह अधिकारियों पर हो एक्शन-Bikaner News 

Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता नीतू जैन ने सीएम ओर मुख्य शासन सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया गया है जिसके चलते एक गली गढ्ढेनुमा सी हो गयी है। जेन ने पत्र के माध्यम से बताया है कि शहर के पुरानी गिनानी क्षेत्र स्थित कृष्णा गार्डन में क्षेत्र मे गलियों को ब्लोक्स लगा कर निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों की गंभीर और खुली अवहेलना की गयी है। कृष्णा गार्डन मुख्य सड़क के सापेक्ष उससे जुड़ी लगभग 10 कनेक्टिंग गलियों/सड़कों को 1 से 1.5 फ़ुट ऊँचा कर दिए जाने के कारण कृष्णा गार्डन की मुख्य सड़क खड्डेनुमा स्थिति में परिवर्तित हो गई है।
नीतू जैन ने पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

जैन ने बताया कि प्राकृतिक जल निकासी को डिज़ाइन में शामिल नहीं किया गया, जिसके कारण बरसात में स्थायी जलभराव और कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लेवल समन्वय न होने से सड़क की संरचनात्मक मजबूती और आयु दोनों प्रभावित हो रही हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि गलत तरीके से ऊँची की गई गलियों/सड़कों पर जनता से वसूले गए टैक्स की राशि खर्च की गई। यह व्यय अनधिकृत, अवैध एवं अपव्यय की श्रेणी में आता है। इसे केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही माना गया है। अधिवक्ता द्वारा प्रमुख माँगें की गयी है की पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जाँच कराई जाए।
कृष्णा गार्डन के आगे स्थित मुख्य सड़क से अन्य गलियों को ऊँचा कर उक्त सड़क को नीचे कर गलत निर्माण में खर्च हुई राशि की वसूली दोषी अभियंता/अधिकारी के वेतन, पेंशन या सेवा लाभों से की जाए।

 

दोषी अभियंता एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध विभागीय, संविदात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
अधिवक्ता नीतू जैन ने कहा यह मामला केवल गलियों मे ब्लोक्स लगा कर निर्माण का नहीं है, बल्कि जनता के टैक्स, सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। तय मानकों की अनदेखी कर कृष्णा गार्डन के आगे सड़क को नीची कर क्षेत्र को जलभराव और असुविधा की ओर धकेला गया है। दोषियों पर सख़्त कार्रवाई और टैक्स की राशि की वसूली आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी मनमानी दोहराई न जाए।

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