Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर में पर्यावरण प्रेमियों का महापड़ाव लगातार 8 दिनों से जारी है। लगातार वार्ता के बावजूद भी पर्यावरण प्रेमियों की मांगो पर सुनवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में पर्यावरण प्रेमियों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। रविवार देर शाम को जयपुर में पर्यावरण ्रेप्रेमियों की और से संतो का एक प्रतिनिधि मंडल ने सीएम के साथ चर्चा की। इस दौरान कई तरह की चर्चाएं हुए।


देर शाम को इसको लेकर सार्थक चर्चा की जानकारी भी साझ़ा की गयाी। आज सोमवार को महिलाओं की अगुवाई में आज एक कलश यात्रा निकाली गयी। जिसमें हजारों पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहें। बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी नारी शक्ति सिर पर कलश रखकर शहर की सड़कों निकली और खेजड़ी बचाने की मांग की। इस दौरान शहर सड़कों पर कई मिनटों तक मार्ग को डायवर्ट किया गया।
वहीं देर शाम को साधु संत भी महापड़ाव स्थल पर पहुंचे। संतो ने कहा कि हमने सीएम से मुलाकात की। सीएम ने आदर सत्कार किया ओर आर्शीवाद लिया।
संतो ने कहा कि उसके बाद हमें एक पत्र दिया गया जो कि संभागीय आयुक्त की और से जारी किया गया था वो जयपुर शासन सचिव के लिए लिखा गया था। वो पत्र हमें दिया गया है।
जिसमें बीकानेर संभागीय आयुक्त की और से लिखा गया है कि जल्द ही विधानसभा पटल पर कानून रखा जाएगा। कानून आने तक राजस्थान में खेजड़ी सरंक्षित हो इसके लिए आगे पत्र में लिखा गया है।
संतो ने कहा कि पत्र जब हमें दिया गया और हम बीकानेर पहुंचे और विधि विशेषज्ञों से राय की गयी तो बताया गया कि यह पत्र फिलहाल तो बीकानेर के लिए मान्य है लेकिन जयपुर शासन सचिव की और से सभी जिलों को इस सम्बंध में निर्देश और आदेश जारी होगा तो ही पूरे प्रदेश में मान्य होगा। खबर लिखे जाने तक महापड़ाव स्थल पर इस पत्र के मान्य या अमान्य को लेकर विचार और मंथन जारी है।
कलश यात्रा में बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हुईं हैं। वे मंगल गीत गाती हुई चल रही हैं। यात्रा में एक महिला 35 तोला सोना करीब 52 लाख की ज्वेलरी पहन कर शामिल हुई। उन्होंने कहा- समाज हमारे साथ है तो हमें किस बात का डर है।


