सात दिनों तक होगा धार्मिक समागम, दिग्गज धर्मगुरूओं और साधु संतों का होगा आगमन-Bikaner News 

Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज, बीकानेर। छोटी काशी बीकानेर की पावन धरा पर सनातन धर्म रक्षा समिति, बीकानेर की ओर से 7 दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि साध्वी ऋतम्भरा की मधुर वाणी से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 22 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक होगा कार्यक्रम 21 फरवरी को दोपहर 2 बजे जूनागढ़ से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलश यात्रा एक जैसी वेशभूषा में 1100 सो महिलाओं के सर पर कलश धारण किये हुए निकलेगी जिसका जगह जगह स्वागत किया जायेगा कार्यक्रम को लेकर बीकानेर की जनता उत्साहित हैं। 22 फरवरी दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा जिसका ईश्वर साधना चैनल साध्वी ऋतंभरा युटुब फेसबुक पर लाइव प्रसारण होगा । साध्वी ऋतंभरा शाम 4 बजे से 5.30 बजे तक आम जन से मुलाकात कर आशीर्वाद प्रदान करेगी। श्रीमद् भागवत कथा में रोज पुजा अर्चना के साथ वाचन शुरू होगा

 

इसके साथ ही 51 कुण्डीय विश्वशांति महायज्ञ पंडित याज्ञाचार्य सिद्धार्थ पुरोहित के सान्निध्य में 101 पंडित द्वारा किया जायेगा। 22 फरवरी सेें 101 पंडितों द्वारा सुबह 8.30 से 12.15 बजे तक होगा। जिसमें समिति द्वारा यज्ञशाला में बैठने वाले लोगों का नाम रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।
इसके साथ ही 24 फरवरी शाम को श्रृंगेरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विधुर शेखर भारती महाराज बैगलोर से जयपुर एयरपोर्ट आयेंगे और जयपुर सडक़ मार्ग से बीकानेर आगमन होगा। जिनका साधु संतों मंडलेश्वर महामंडलेश्वर और बीकानेर के नागरिकों द्वारा स्वागत किया जायेगा शंकराचार्य भगवान 25 फरवरी को सुबह 6 से 8 बजे तक पुजा पाठ 9 से 10 बजे तक दिक्षा समारोह 12 बजे से शंकराचार्य दर्शन संवाद कार्यक्रम के साथ शाम 4 बजे जुनागढ़ से शहर की मुख्य सडक़ों से शंकराचार्य नगर भ्रमण हेतु निकलेंगे।

 

जुनागढ़ से केईएम रोड, कोटगेट होते हुए शंकराचार्य भगवान का नगर भ्रमण होगा । जिसमें बीकानेर की जनता दर्शन कर सकती है 26 को शाम चार बजे शंकराचार्य भगवान की धर्म सभा होगी। 27 फरवरी को सनातन धर्म रक्षा समिति बीकानेर द्वारा निर्माणधीन गौशाला का शुभारंभ सुबह 11 बजे किया जाएगा और उसके बाद वात्सल्य ग्राम साध्वी ऋतंभरा को समर्पित 1 बीघा जमीन पर वृद्ध आश्रम और शंकराचार्य भगवान को समर्पित गुरूकुल का भुमि पुजन होगा। इसके साथ ही 27 फरवरी को एक भजन सम्राट अनूप जलोटा, भजन सम्राट प्रकाश माली , अनिल नागौरी, कन्हैया मित्तल द्वारा , धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी। इस कार्यक्रम में हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजुदास महाराज, ब्रह्म ऋषि भोमाराम महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संत प्रमोद कृष्णम, महंत बालकनाथ, सहित अनेक संत महात्मा मंडलेश्वर महामंडलेश्वर आचार्य के साथ साथ केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय मंत्री पियुष गोयल, चितोड सासंद सीपी जोशी, शिवराज सिंह चौहान, मुम्बई उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, किरोड़ी लाल मीणा, ओटाराम देवासी, राज्यवर्धन राठौड़ सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति इन 7 दिनों के दौरान रहेगी और इस कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी बीकानेर पधारने का कार्यक्रम बन रहा है।

 

इसके साथ ही 28 फरवरी को नरसी विला संत दुलाराम कुलरिया के फलसे में विशाल साध्वी ऋतंभरा के नेतृत्व में धर्म सभा का आयोजित किया जाएगासनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, आयोजित कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सोनी झुमर सा, एडवोकेट बजरंग छींपा, लक्ष्मी नारायण सुथार, भुवनेश नागल, प्रहलाद सिंह मार्शल, गोपाल भादाणी, विमल बिनावरा , सीताराम कच्छावा, राजेंद्र सिंह शैखावत, राजेन्द्र चुघ, कमल सिंह बापेऊ, रामेश्वर लाल बिश्नोई, महेन्द्र बारुपाल, नंदा चुघ, राधा खत्री, शशि, उर्मिला, भुवेनश्वर नागल, मंजू यादव, विमल बिनावरा, लक्ष्मीनारायण सुथार, शुशील यादव भागीरथ मल कुमावत सहित कई कार्यकर्ता

 

पीले चावल कर कार्यक्रम का निमंत्रण देने की प्रक्रिया 5 जनवरी से शुरू की जायेगी। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग टीमों के द्वारा कार्यक्रम का प्रचार प्रसार कर इस कार्यक्रम को दिव्या और भव्य बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। इसके साथी कलश यात्रा के दौरान बीकानेर में होगा अनोखा प्रदर्शन परम पूज्य साध्वी ऋतंभरा दीदी की भव्य शोभायात्रा में गूंजेगी महाराष्ट्र की थाप; बीकानेर पहुंचेगा महिला ढोल-ताशा पथक
बीकानेर की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही परम पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी की भव्य शोभायात्रा इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है। इस यात्रा की गरिमा बढ़ाने और भक्तिमय वातावरण में जोश भरने के लिए महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक महिला ढोल-ताशा पथक विशेष रूप से बीकानेर पहुंच रहा है।

 

प्रमुख आकर्षण एवं विवरण
शौर्य और भक्ति का संगम: साध्वी ऋतंभरा दीदी की ओजस्वी उपस्थिति और ढोल-ताशा की गूंज, भक्ति और शक्ति का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल: महाराष्ट्र से आयेगे यह दल पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित है। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ये महिला कलाकार अपनी कला से नारी शक्ति का जयघोष करेंगी।
सांस्कृतिक एकता: यह आयोजन एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को चरितार्थ करते हुए राजस्थान और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक सेतु का कार्य करेगा।
अनुशासित प्रदर्शन: ढोल-ताशा पथक अपने कड़े अनुशासन और लयबद्ध वादन के लिए जाना जाता है, जो शोभायात्रा के दौरान आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
आयोजन की विशेषता:
दीदी माँ की शोभायात्रा के दौरान यह पथक न केवल वादन करेगा, बल्कि महाराष्ट्र के पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध भी करेगा। स्थानीय आयोजकों के अनुसार, इस भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।
दीदी माँ के वत्सल सानिध्य में, ढोल-ताशा की गूंज भक्ति के मार्ग को और भी ऊर्जावान बनाएगी।

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