Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। मल मास लगने पूर्व बारह गुवाड़ चौक स्थित रमक झमक में पुष्करणा सावा 2026 हेतु सावा गणपति की स्थापना की गई । रमक झमक के राधे ओझा ने बताया कि मल मास लगने से पूर्व शुभ मुहूर्त में साबुत मूंग लकड़ी की कठौती में भर कर उस पर मौली गणेश विराजमान किया गया ।


पुष्करणा सावा से संबंधित रमक झमक के सभी आयोजन व रस्में निर्विघ्न सम्पन्न हेतु भगवान गणपति का पूजन किया । पंचांगकर्ता पंडित अशोक ओझा के सानिध्य में शिवशंकर ओझा एवं लक्ष्मण पुरोहित ने। मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन, गणपति स्तोत्र पाठ के साथ गणपति अथर्वशीष से अभिषेक व मूंग से अर्चन करवाया ।गजानंद को मांगलिक ग़ुड़ व मोदक का भोग लगाया गया।
रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैरुं बताया कि मल मास में कोई भी मांगलिक कार्य प्रारंभ नहीं किये जाते है और रमक झमक के अनेक आयोजन की शुरुवात आगामी दिनों में मल मास के दौरान ही किए जाने है तथा सावा कार्यालय भी खोला जाना है,इसलिये मल मास लगने से पूर्व रमक झमक में सावा गणपति की स्थापना हो जाने से अब सावा सम्बन्धी कोई भी आयोजन मल मास में भी किए जा सकेंगे। राहुल व्यास ने कहा कि गणपति की स्थापना के रिश्ता देखने,मुलाकात परिचय करने,भवन बुक आदि में कोई दोष नहीं होगा।
इस अवसर पर अंजनी कुमार चुरा एवं प्रेम रतन छंगाणी ने उपस्थित सभी के रक्षा सूत्र बरनी बांधा तथा नन्हीं बालिका नियति ओझा ने आगंतुकों के तिलक किया। उपस्थित सभी ने भगवान गजानन्द से पुष्करणा सावा में रमक झमक के कार्य्रकम निर्विघ्न सम्पन्न हो इसके लिये प्रार्थना की ।
कार्यक्रम के साक्षी अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थानी संस्कृति अकादमी के पूर्व सचिव सत्यप्रकाश आचार्य एवं ईश्वर महाराज थे। जबकि अध्यक्षता रमक झमक की संरक्षक वयोवृद्ध महिला रामकवंरी ओझा ने की। प्रीति एवं विजय लक्ष्मी ओझा ने पधारो गजानन म्हारे आंगने तथा रमक झमक कर पधारो गजानन गीत गाते हुए मूंग बिखेरे । इस अवसर पर अपने उद्बोधन में सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि सावा सस्कृति बीकानेर की पहचान है,इसे विश्व स्तर पर पहचान रमक झमक ने दिलाई है। परकोटे की पौराणिक परम्परा संस्कृति में रमक झमक का योगदान है।
रामकंवरी ने कहा कि अधिक से अधिक शादियां सावा में हो व कुरीतियों का प्रवेश इसमें न हो रामकंवरी ने विवाह में फिल्मी गीतों की बजाय पौराणिक एवं परंपरागीत ही गाए जाए इसके लिए रमक झमक विवाह गीत पुस्तक में संकलन किया गया है समाज की युवतियों को ये गीत सीखने चाहिए,अगर उन्हें राग लेने में कोई समस्या हो तो वह उनको गीत सीखाने को तैयार है।
धर्मेश व्यास ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



