राजस्थान संपर्क पोर्टल: आमजन के लिए उपयोगी, लेकिन समाधान पर होना चाहिए जोर

संंजय स्वामी की रिपोर्ट 

राजस्थान 1st  न्यूज,बीकानेर। राजस्थान सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजस्थान संपर्क पोर्टल लांच किया गया था। यह पोर्टल नागरिकों को अपनी समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके समाधान की उम्मीद करने का अवसर प्रदान करता है। हालांकि, वर्षों बाद भी यह पोर्टल आमजन के लिए पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो पाया है।

समस्या यह है कि इस पोर्टल पर शिकायतें तो दर्ज होती हैं, लेकिन समाधान के बजाय महज़ खानापूर्ति की जाती है। कई बार अधिकारी बिना उचित कार्यवाही के ही शिकायतों को निपटा देते हैं। प्रशासनिक बैठकों में इस पोर्टल को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप, आमजन की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं, और लोग खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं।

कैसे काम करता है राजस्थान संपर्क पोर्टल?

राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया यह पोर्टल आम नागरिकों को अपने क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं को दर्ज करने का मंच प्रदान करता है। प्रत्येक विभाग में इस पोर्टल की निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

लेकिन कई विभागों में हालात यह हैं कि अधिकारी कई दिनों तक पोर्टल खोलते ही नहीं हैं। जब खोलते भी हैं, तो बिना समाधान किए ही शिकायत को ‘निस्तारित’ दिखाकर बंद कर देते हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पाता, और शिकायतकर्ता निराश हो जाता है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार प्रयास करके शिकायत को पुनः सक्रिय करवाता भी है, तब भी पूर्ण समाधान की कोई गारंटी नहीं होती।

समस्या का समाधान कैसे संभव है?

इस पोर्टल को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने आवश्यक हैं:
1. अधिकारियों की जवाबदेही तय हो – जिन अधिकारियों को इस पोर्टल की जिम्मेदारी दी जाती है, उनके कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए।
2. कठोर कार्रवाई का प्रावधान हो – यदि कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है या बिना उचित समाधान के शिकायत को बंद करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
3. शिकायत समाधान की समीक्षा प्रणाली बने – हर विभाग में एक स्वतंत्र टीम होनी चाहिए, जो यह सुनिश्चित करे कि समस्याओं का सही समाधान किया गया है या नहीं।
4. साप्ताहिक रिपोर्टिंग और फीडबैक प्रणाली हो – शिकायतकर्ता को समाधान प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए और समाधान की गुणवत्ता पर उसकी राय भी ली जाए।

राजस्थान संपर्क पोर्टल आमजन के लिए एक उपयोगी पहल हो सकता है, बशर्ते कि इसे केवल खानापूर्ति का जरिया बनाने के बजाय वास्तविक समाधान का माध्यम बनाया जाए। जब तक अधिकारी इस पोर्टल को गंभीरता से नहीं लेंगे और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक आमजन की समस्याओं का सही समाधान संभव नहीं होगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने होंगे ताकि यह पोर्टल अपने उद्देश्य में सफल हो सके।

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