बीकानेर। सुजानदेसर स्थित रामझरोखा कैलाशधाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन रहा। अलसुबह लगभग 5 बजे राष्ट्रीय संत श्रीसरजूदासजी महाराज ने नर्बदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक, श्री सियारामजी गुरु महाराज का पूजन एवं परम पूज्य महाराज श्रीरामदासजी महाराज के चरण पादुका का पूजन किया गया। इसके बाद शुरू हुआ गुरु दीक्षा समारोह जो दोपहर 3 बजे तक निरन्तर जारी रहा। खास बात यह रही कि सैकड़ों महिला-पुरुषों ने रामझरोखा कैलाशधाम के पीठाधीश्वर श्रीसरजूदासजी महाराज से कंठी प्राप्त कर गुरु मंत्र सुना व गुरु पूजन किया। इस दौरान भजन-सत्संग तथा महाप्रसादी का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय संत श्रीसरजूदासजी महाराज ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरु: साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नम:॥ अपनी महत्ता के कारण गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा पद दिया गया है। शास्त्र वाक्य में ही गुरु को ही ईश्वर के विभिन्न रूपों- ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। गुरु को ब्रह्मा कहा गया क्योंकि वह शिष्य को बनाता है नव जन्म देता है। संत कबीरदासजी का भी कहना है हरि रुठे गुरु ठौर है, गुरु रुठे नहीं ठौर। इसलिए हर व्यक्ति को गुरु पूर्णिमा पर अवश्य गुरु के दर्शन व पूजन करने चाहिए।

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